सीधे जवाब, बिना किसी तकनीकी उलझन के।
आपके शहर में सब्सिडी के बाद 3kW रूफटॉप सोलर सिस्टम की कीमत कितनी होती है?+
3kW ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर सिस्टम की सब्सिडी से पहले कीमत आमतौर पर लगभग ₹1.8–2.1 लाख होती है। PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत पात्र आवासीय ग्राहकों को ₹78,000 तक की केंद्रीय सब्सिडी मिलती है, जिससे आपकी वास्तविक लागत लगभग ₹1.02–1.32 लाख रह जाती है। अंतिम कीमत पैनल ब्रांड, इन्वर्टर के प्रकार और स्ट्रक्चर की ऊंचाई पर निर्भर करती है।
क्या मैं PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana सब्सिडी के लिए पात्र हूं?+
जिस भी भारतीय निवासी के पास उपयुक्त छत वाला घर, वैध बिजली कनेक्शन है और जिसने पहले कोई रूफटॉप सोलर सब्सिडी नहीं ली है, वह पात्र है। आपको नेशनल पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा और एक रजिस्टर्ड वेंडर चुनना होगा — यह पूरी प्रक्रिया मंगल हैंड्स आपके लिए संभालता है।
3kW सोलर प्लांट के लिए कितनी छत की जगह चाहिए?+
स्टैंडर्ड मोनो-PERC पैनल के साथ 3kW सिस्टम के लिए लगभग 250–300 वर्गफुट छाया-रहित छत की जरूरत होती है। अधिक दक्षता वाले मॉड्यूल इसे 15–20% तक कम कर सकते हैं। हम निःशुल्क साइट सर्वे के दौरान सटीक जरूरत बता देते हैं।
क्या भारत के मानसून और सर्दी में सोलर पैनल काम करते हैं?+
हां। पैनल दिन के उजाले से बिजली बनाते हैं, सीधी गर्मी से नहीं, इसलिए बादल वाले दिनों में भी 20–40% आउटपुट मिलता है। आपके शहर में सालाना औसतन 280+ धूप वाले दिन होते हैं, और नेट-मीटरिंग मानसून की कमी को गर्मियों के सरप्लस से संतुलित कर देती है जिससे सालाना बिल लगभग शून्य रहता है।
नेट मीटरिंग क्या है और उत्तर प्रदेश में यह कैसे काम करती है?+
नेट मीटरिंग से आप अतिरिक्त सोलर बिजली ग्रिड को भेज सकते हैं और उसे रात में इस्तेमाल की गई यूनिट्स से एडजस्ट कर सकते हैं। UPPCL एक बाई-डायरेक्शनल मीटर लगाता है; आपको केवल नेट यूनिट्स का बिल आता है। मंगल हैंड्स UPPCL आवेदन, निरीक्षण और मीटर इंस्टॉलेशन की पूरी प्रक्रिया संभालता है।
रूफटॉप सोलर सिस्टम की पेबैक अवधि और आयु कितनी है?+
सब्सिडी के साथ, भारत के अधिकतर घर 3–5 साल में अपना निवेश वापस पा लेते हैं। पैनल पर 25 साल की परफॉर्मेंस वारंटी होती है (25वें साल भी 80%+ आउटपुट) और इन्वर्टर आमतौर पर 10–12 साल चलते हैं। यानी पेबैक के बाद आपको 20+ साल लगभग मुफ्त बिजली मिलती है।
ऑन-ग्रिड, ऑफ-ग्रिड या हाइब्रिड — कौन सा चुनें?+
जिन घरों में UPPCL की आपूर्ति भरोसेमंद है, उनके लिए ऑन-ग्रिड सबसे अच्छा है — सबसे सस्ता, सब्सिडी योग्य, बैटरी की जरूरत नहीं। हाइब्रिड में बिजली कटौती के दौरान बैकअप के लिए बैटरी जोड़ी जाती है — यदि आपके इलाके में बार-बार कटौती होती है तो यह उपयुक्त है। ऑफ-ग्रिड पूरी तरह बैटरी पर आधारित होता है, जो ग्रिड न पहुंचने वाले दूरस्थ स्थानों के लिए है। लोड ऑडिट के बाद हमारे इंजीनियर सही विकल्प सुझाते हैं।
सोलर सिस्टम को किस तरह के रखरखाव की जरूरत होती है?+
बहुत कम। हर 15–30 दिन में पैनल की सफाई (बगीचे की होज़ पाइप काफी है) और तार, इन्वर्टर व अर्थिंग की सालाना प्रोफेशनल जांच जरूरी है। मंगल हैंड्स ₹3,000/वर्ष से कम में वैकल्पिक AMC पैकेज भी देता है।
क्या रूफटॉप सोलर के लिए EMI या लोन ले सकते हैं?+
हां। PM Surya Ghar के तहत, 3kW तक के सिस्टम के लिए इम्पैनल्ड बैंकों से ~7% वार्षिक ब्याज पर ₹2 लाख तक का बिना गारंटी वाला लोन उपलब्ध है। हमारी टीम ऑफर्स की तुलना करने और कागजी कार्रवाई पूरी करने में मदद करती है।
बुकिंग से स्विच-ऑन तक इंस्टॉलेशन में कितना समय लगता है?+
आमतौर पर 30–45 दिन: सर्वे व डिज़ाइन के लिए 2 दिन, सब्सिडी व UPPCL स्वीकृति के लिए 15–20 दिन, इंस्टॉलेशन के लिए 2–3 दिन, और नेट-मीटर निरीक्षण के लिए 5–10 दिन। हर चरण पर हम आपको WhatsApp पर अपडेट रखते हैं।